अध्याय 502 लीला ने सिल्वेस्टर के सामने कबूल किया

लेला ने सिर थोड़ा ऊपर उठाया और सिल्वेस्टर की चिंतित आँखों में झाँका। उसने हाथ बढ़ाकर उसके माथे की शिकनें बड़े प्यार से सहला दीं। “डरो मत, मैं ठीक हूँ।”

लेला के उस नरम स्पर्श को महसूस करते ही सिल्वेस्टर के भाव धीरे-धीरे सँभलने लगे। उसने नज़रें झुकाईं और लेला की आँखों से नज़र मिलाई। “तुम दैवी चिकित्स...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें