अध्याय 1 टूटे हुए वादे
"एला, हमें एक बच्चा चाहिए," ऑस्टिन ने धीमे से कहा। धुंधली रोशनी वाले बेडरूम में उसका चौड़ा सीना अब भी उसके ऊपर भारी था।
ये शब्द किसी जुनून भरी गुहार जैसे नहीं थे, बल्कि ठंडा, नपा-तुला सौदा।
उसे अपने अरबों के साम्राज्य के लिए एक वारिस चाहिए था—और उस औरत से शादी करने का रास्ता साफ करना था, जिससे वह सच में प्यार करता था।
एला ब्रूक्स ने चादर को सीने पर कसकर पकड़ लिया, उसका बदन उसकी बेरहम तीव्रता से दुख रहा था। दो महीनों से उसके स्कैंडलों की वजह से अख़बारों और गॉसिप में छाया रहने के बाद भी, ऑस्टिन रेमंड घर प्यार के लिए नहीं लौटा था। वह एक मिशन पूरा करने लौटा था।
बाहर बारिश खिड़कियों पर तड़ातड़ बरस रही थी—और भीतर घुटन भरा सन्नाटा उससे उलट, और भी डरावना लग रहा था। ऑस्टिन ने उसके शरीर के हर इंच का स्वाद लिया था; उसकी हर हरकत किसी अनकही, लत जैसी परिचितता से चालित थी, जिसे वह हठ करके मानने से इनकार करता रहा।
एला उसके मांग की कड़वी हकीकत समझ भी पाती, उससे पहले ऑस्टिन का फोन बज उठा।
उसने एक पल भी नहीं गंवाया। खिड़की के पास खड़े होकर उसने कॉल उठा ली। एला के लिए जो ठंडी, शिकारी-सी बाज़ वाली निगाह वह बचाकर रखता था, वह अचानक पिघलकर अनपेक्षित नरमी में बदल गई।
"डरो मत। घर पर मेरा इंतज़ार करो, मैं अभी आता हूँ—तुम्हारे पास," उसकी भारी, भर्राई आवाज़ ने धीरे से मनाया।
एला सन्न रह गई, जैसे किसी ने उसकी आँखों में टूटा हुआ काँच उछाल दिया हो। अंदाज़ा लगाए बिना भी उसे पता था—दूसरी तरफ़ कौन है। जुडिथ।
जुडिथ लौट रही थी। और ऑस्टिन को अपनी कानूनी पत्नी से बच्चा सिर्फ़ इसलिए चाहिए था कि उसकी दादी को संतुष्ट कर सके और रेमंड की दौलत पर पूरा हक़ पा सके। वारिस पैदा होते ही वह एला को तलाक देकर जुडिथ को दुनिया दे सकता था।
फोन काटकर ऑस्टिन मुड़ा। उसकी आँखों की गर्माहट गायब हो चुकी थी; उसकी जगह वही पुरानी बर्फ़ीली बेरुख़ी लौट आई थी।
"अपनी दवा लेना मत भूलना," उसने ठंडे स्वर में हुक्म दिया। गर्भनिरोधक नहीं—गर्भधारण की दवा।
उसने कोट उठाया और बिना रुके गरजती बारिश में निकल गया—उसी तूफानी मौसम में, जिसके बारे में वह जानता था कि एला को भय लगता है—और उसे अँधेरे में अकेला छोड़ गया। खिड़की से एला ने देखा, उसकी मेबाख बारिश भरी रात में तेज़ी से दूर निकल गई—किसी और औरत के पास भागती हुई।
एला के भीतर हड्डियों तक उतरती ठंड फैल गई—दस साल पहले बर्फ़ीले पहाड़ों की एक डरावनी प्रतिध्वनि। तब अठारह साल के ऑस्टिन ने वादा किया था कि वह उससे शादी करेगा और उसे हमेशा बचाए रखेगा। चौबीस की उम्र में एक कार हादसे ने उसे लकवा मार दिया था, तो जुडिथ देश छोड़कर भाग गई थी। एला ही थी जो तीन साल की पीड़ादायक रिहैबिलिटेशन में उसके साथ डटी रही, उसे अँधेरे से खींचकर बाहर लाई।
उसे लगा था कि उसने उसका बर्फ़ीला दिल पिघला दिया है। मगर लौटती हुई जुडिथ की बस एक नज़र—और ऑस्टिन सब कुछ छोड़ने को तैयार हो गया।
अगली सुबह खबरों की सुर्खियाँ लाल, बड़ी और चीखती हुई थीं:
वित्तीय साम्राज्य का वारिस ऑस्टिन रेमंड, डिज़ाइनर जुडिथ के घर रात बिताता पकड़ा गया।
वह दृश्य एला की छाती में धँस गया—जंग लगे चाकू की तरह मरोड़ता हुआ।
उसका फोन कंपन करने लगा। ऑस्टिन का संदेश:
[आज रात घर पर मेरा इंतज़ार करो। फॉलिक एसिड नियमित लेना।]
वह रातें जुडिथ को तसल्ली देने में बिताता—और फिर एला के बिस्तर पर लौटकर अपना “काम” पूरा करने। तो फिर वह क्या थी? एक कोख? एक औज़ार, जो उसकी आज़ादी खरीद दे?
काँच-सी साफ़ आँसू उसकी गालों से फिसलकर स्क्रीन पर गिरने लगे। मगर जब उसकी नज़र बेडसाइड टेबल पर रखी फर्टिलिटी गोलियों की बोतल पर पड़ी, तो उसके दस साल के एकतरफ़ा प्यार की घुटन भरी धुंध अचानक छँटने लगी।
अगर उसे जुडिथ तक पहुँचने का टिकट सिर्फ़ एक बच्चा चाहिए था… तो क्या होगा, अगर बिना सवाल पूछने वाली, आज्ञाकारी एला बस गायब हो जाए?
फोन की तीखी घंटी ने बेडरूम की नाज़ुक ख़ामोशी को चीर दिया, एला को उसके काले ख़यालों और फर्टिलिटी गोलियों की बोतल से खींचकर बाहर ले आया।
उसने कॉल उठाई तो उसके चेहरे का रंग तुरंत उड़ गया। "क्या कहा? दादी गिर पड़ीं? मैं अभी आ रही हूँ!"
एला के टाउनहाउस से रेमंड परिवार की ‘गोल्डन ओक’ एस्टेट तक आम तौर पर तीस मिनट लगते थे। एला ने पंद्रह में दूरी काट दी—बचे-खुचे तूफान में लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए। करेन रेमंड, उसकी सास-नानी, इस घुटन भरी शादी में हमेशा उसकी इकलौती सहारा रही थीं।
जब एला उस विशाल कॉलोनियल हवेली में भागती हुई घुसी और मास्टर बेडरूम तक पहुँची, तो वहाँ का भारीपन दम घोंटने जैसा था। करेन बड़े से बिस्तर पर बेहोश पड़ी थीं।
