अध्याय 106 जवाबी हमला

आख़िरकार उसकी आवाज़ में भावना की हल्की-सी झलक उभर आई।

“बात बिल्कुल सीधी है।”

एला का हाथ धीरे-धीरे उसकी पेशानी पर चला, फिर फिसलता हुआ नीचे आया और जाकर उसके दिल के ऊपर ठहर गया।

“अब से हम इसके क़ैदी नहीं रहे।”

“हम इसके गुरु हैं।”

“और एक काबिल गुरु का पहला काम है—अपने अभी-अभी जन्मे शिष्य के लिए खेल...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें