अध्याय 141: फ्रेंड्स रीयूनाइट

उस पल ऑस्टिन ने अपना फोन इतनी ज़ोर से पकड़ा हुआ था कि ग़ुस्से में उसका स्क्रीन लगभग चकनाचूर ही हो जाता। उसकी आँखों में भड़की हुई आग जैसे बस फूट पड़ने को थी।

उसके मन में आया—उसे इस प्रदर्शनी में आना ही नहीं चाहिए था। क्या ये सीधे-सीधे मुसीबत को बुलावा देना नहीं था?

तभी उसके बगल से एक जाना-पहचाना स्...

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