अध्याय 4 बिटरस्वीट न्यूज़
एला की धड़कन तेज़ हो गई—हैरानी भी थी और खुशी भी।
उसने धीरे-धीरे अपना हाथ उठाया और पेट पर रख दिया, हल्के-हल्के सहलाने लगी। उसके चेहरे पर एक साथ सुकून और गंभीरता उतर आई।
भले ही ऑस्टिन अब उसके साथ न हो, वह इस बच्चे को अकेले भी पाल सकती थी।
“डॉक्टर, एला की इस हालत में उसे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?” शुरुआती झटके से संभलने के बाद, अस्पताल के बिस्तर के पास खड़ी सारा ने पूछा।
एला ने भी तुरंत अपना सवाल दाग दिया। “क्या मैं आज ही अस्पताल से जा सकती हूँ?”
डॉक्टर का चेहरा गंभीर हो गया। उसने हाथ में पकड़ी मेडिकल रिपोर्ट पर नज़र झुका ली।
पहले उसने एला को जवाब दिया, फिर सारा को हिदायत दी। “डिस्चार्ज से रोकने जैसी कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन शरीर बहुत कमज़ोर है। इसे ठीक से आराम चाहिए। किसी भी वक्त गर्भपात का जोखिम काफी ज़्यादा है।”
सारा ने हल्का-सा सिर हिलाया—चुपचाप अपने ऊपर आई ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली।
डॉक्टर के जाने के बाद, सारा ने एला को डिस्चार्ज की औपचारिकताएँ पूरी कराने में मदद की।
जब वे वार्ड से बाहर निकलीं, तो सारा ने एला को सहारा दिया। उसकी आँखों में चिंता साफ थी। “क्या तुम पक्की हो कि दो-चार दिन और अस्पताल में नहीं रुकना?”
“नहीं। उस कमरे में बंद रहना मुझसे नहीं होता। दवाइयों और कीटाणुनाशक की गंध से दम घुटता है।”
सारा उसे सहारा देती हुई धीरे-धीरे कॉरिडोर में आगे बढ़ी, भौंहें चिंता से जुड़ी थीं। “ऑस्टिन को पता है कि तुम प्रेग्नेंट हो?”
उसने सुना था कि ऑस्टिन एला पर गर्भ ठहराने को लेकर लगातार दबाव डालता रहा था।
दोस्त होने के नाते, सारा का रक्षात्मक हो जाना स्वाभाविक था।
फिर भी, जब एला ने तब ऑस्टिन से शादी करने का फैसला किया था, सारा उसे रोक नहीं सकी थी।
“तुम ठीक कहती थीं, सारा। ऑस्टिन और मैं कभी एक-दूसरे के लिए सही नहीं थे,” एला बोली।
सालों पहले सारा ने जो सलाह दी थी, जिसे एला ने तब नज़रअंदाज़ कर दिया था, आज वही कड़वी सच्चाई बनकर सामने खड़ी थी—जैसे पहले ही चेतावनी दे दी गई हो।
अब उसे समझ आया कि वह कितनी नादान थी।
सारा रुक गई और चिंता से अपनी दोस्त को देखने लगी। “एला?”
एक गहरी साँस लेकर एला ने उसकी तरफ देखा। उसकी आँखें रुके हुए आँसुओं से चमक रही थीं। “मैं तलाक के लिए अर्जी देने वाली हूँ।”
सारा जैसे जम गई। उसकी आँखें अविश्वास से फैल गईं। “तलाक? क्या ऑस्टिन ने तुम्हें फिर से चोट पहुँचाई?”
एला ने कोई जवाब नहीं दिया।
“पता है मैं अभी क्या महसूस कर रही हूँ? जैसे किसी किताब को ये सोचकर पढ़ते जाओ कि अंत खुश होगा—और आख़िर में पता चले कि लेखक ने आख़िरी अध्याय पूरी तरह खराब कर दिया। मुझे हमेशा लगता था कि भले तुम दोनों में प्यार न हो, लेकिन तुम और ऑस्टिन कम से कम आराम से साथ जी लोगे।”
एला का दुबला और बेहद नाज़ुक-सा चेहरा देखकर सारा का दिल कस गया।
साफ था कि इस शादी ने उसे बहुत तोड़ा था।
एला ने नज़रें नीचे कर लीं और कड़वी-सी साँस छोड़ दी। “अब सब खत्म है। वह अपनी राह जाएगा, मैं अपनी। हमारा रिश्ता खत्म।”
“मुझे उसे जाकर सीधा करना है, सब साफ कर देना है!” सारा एला की तरफ से गुस्से से भभक उठी।
एला ने उसका हाथ पकड़ लिया और सिर हिला दिया। “मैं तुम्हें इस उलझन में नहीं घसीटना चाहती।”
“ये शादी तुम्हें इतने समय से सताती रही है, और तलाक के बाद और दर्द होगा। क्या तुम सच में पक्का कर चुकी हो?” सारा ने उसका हाथ भरोसा देते हुए कसकर पकड़ा।
एला ने बिना डगमगाए, दृढ़ता से सिर हिला दिया।
“ठीक है। तुम जो भी फैसला करोगी, मैं पूरी तरह तुम्हारे साथ हूँ।”
सारा के इस तुरंत साथ देने से एला का दिल गर्म हो उठा।
उसके जैसी दोस्त होना, एला के लिए बेहद कीमती था।
शाम ढलते-ढलते अँधेरा धीरे-धीरे आसमान पर फैल गया, और ऊपर उजला चाँद टँगा था।
एला ने सुरक्षा कोड—0623—डालकर हवेली का दरवाज़ा खोला।
ऑस्टिन ने कभी वो कोड बदला नहीं था; वही चार अंक हमेशा इस्तेमाल करता रहा।
एला अक्सर सोचती थी कि इनका मतलब क्या है, लेकिन जब भी वह पूछती, ऑस्टिन कभी साफ जवाब नहीं देता था।
दरवाज़ा धकेलने से पहले वह पलभर हिचकी—और अंदर कदम रखते ही उसे खालीपन मिला।
फर्श से छत तक की बड़ी खिड़कियों से चाँदनी अंदर बह रही थी, और पेड़ों की परछाइयाँ फर्श पर हिलती-डुलती आकृतियाँ बना रही थीं।
क्या ऑस्टिन अभी घर नहीं आया था?
घर के नौकर-चाकर भी नज़र नहीं आए।
इधर-उधर एक नजर डालकर उसने तय किया कि वह यहाँ और नहीं रुकेगी।
वह तो बस अपना सामान लेने आई थी।
एला ऊपर मास्टर बेडरूम में गई, जहाँ उसका निजी सामान और रोज़मर्रा के कपड़े रखे थे।
चूँकि उसने पहले ही अलग होने का मन बना लिया था, वह चाहती थी कि यहाँ से ऐसे चली जाए कि उसे बाँधकर रखने वाली कोई चीज़ साथ न रहे।
बेडरूम में कदम रखते ही उसकी नज़र उस परिचित किंग-साइज़ बेड पर पड़ी।
एला ने अलमारी खोली तो ऑस्टिन के कपड़े रखे हुए थे।
हालाँकि घर के काम आमतौर पर नौकरानी संभालती थी, एला ने हमेशा ज़िद करके उन्हें खुद ही किया था।
अलमारी को कुछ सेकंड तक घूरने के बाद, उसने फौरन अपने कपड़े पैक करने शुरू कर दिए।
यहाँ रुकने लायक कुछ भी नहीं था।
उसने अपने कपड़े, स्किनकेयर का सामान, ज़ेवर और मेकअप—सब कुछ दो बड़े सूटकेसों में भर दिया।
दोनों सूटकेस भर जाने के बाद, एला ने तैयार किया हुआ तलाक़ का समझौता सलीके से बेडसाइड टेबल पर रख दिया।
शायद मिसेज़ रेमंड बनकर बिताए इन सालों ने उसे हर चीज़ बिल्कुल नपी-तुली तरीके से संभालना सिखा दिया था—रोज़मर्रा के घर-गृहस्थी के कामों से लेकर बिजली के झंझट, खराब उपकरण, बगीचे की देखरेख और हिसाब-किताब की रिपोर्टों तक।
एक ही दिन में उसने सब कुछ व्यवस्थित कर दिया था और सब कुछ ऑस्टिन के लिए छोड़ दिया।
यही उसकी विदाई थी।
उसे चिंता थी कि कहीं ऑस्टिन तलाक़ के काग़ज़ात नज़रअंदाज़ न कर दे, इसलिए उसने उसे सीधे बताने का फैसला किया।
हवेली के बाहर राइड का इंतज़ार करते हुए, एला ने ऑस्टिन को फोन किया।
पहली रिंग पूरी होने से पहले ही उसने उठा लिया।
“मैंने तलाक़ के पेपर्स और घर के कई कामों का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर दिया है। वो नाइटस्टैंड पर रखे हैं। जब समय मिले, कृपया साइन कर दीजिए।”
लाइन पर बस हल्की-सी चरचराहट हुई, फिर ऐसी ख़ामोशी छा गई जो खत्म ही नहीं हो रही थी।
एला को लगा कॉल कट गया होगा, उसने स्क्रीन देखी।
कॉल अब भी जुड़ा था, तो वह बोली, “मुझे उम्मीद है आप जल्दी साइन कर देंगे, ताकि हम साफ़-साफ़ अलग हो सकें।”
दूसरी तरफ़ आदमी ने गला साफ़ किया, उसकी आवाज़ उम्मीद से कहीं नरम थी।
“तुम अस्पताल गई थीं?”
एला एक पल को ठिठक गई।
वह शायद ही कभी उसकी परवाह दिखाता था। फिर अचानक ये सवाल क्यों?
उसने उसके सवाल का जवाब नहीं दिया, बात आगे बढ़ाई। “ऑस्टिन, मैं एक ज़रूरी बात करना चाह रही हूँ।”
“तुम्हें अपना ज़्यादा ध्यान रखना चाहिए। मैंने तुम्हें इतने सप्लीमेंट्स दिए, फिर भी तुम इतनी कमज़ोर हो।”
ऑस्टिन बोलता रहा, जैसे वह उससे नहीं, अपने आप से ही बात कर रहा हो।
एला का सब्र जवाब दे रहा था, वह कॉल काटने ही वाली थी कि—
“एक गाला इवेंट है। तुम मेरे साथ चलोगी।”
उसकी आवाज़ शांत थी, मगर उसमें निवेदन नहीं—हुक्म था।
साफ़ था, वह उसकी सहमति नहीं मांग रहा था; उसे उसकी आज्ञाकारिता चाहिए थी।
शायद उनके रिश्ते में ऑस्टिन को उसकी अनगिनत समझौतों की आदत पड़ चुकी थी।
उसे लगता था, एला के पास मना करने की कोई वजह नहीं होगी।
एला चुप रही, मन ही मन सोचती रही कि उसे कैसे इनकार करे।
“तलाक़ वाली बात अभी छोड़ दो। मुझे काम देखना है। मैं लौटकर बात करूँगा।”
उसने अचानक फोन काट दिया।
एला को यह अजीब-सी कड़वी हँसी लगी।
लगता था, उनका तलाक़ भी उसकी इजाज़त और उसके समय के हिसाब से ही होगा।
उस पर एक भारी घुटन-सी आकर बैठ गई।
उसका हाथ ढीला पड़कर बगल में लटक गया, जैसे शरीर से जान ही निचुड़ गई हो।
आख़िरकार एला ने गाला में जाने का फैसला कर ही लिया।
उसने अपना सामान सारा के यहाँ छोड़ दिया, क्योंकि उसके पास अपने लिए कोई ढंग की फॉर्मल ड्रेस नहीं थी।
और चूँकि उसे ऑस्टिन की पत्नी बनकर जाना था, वह उसे शर्मिंदा नहीं कर सकती थी।
बहुत सोच-विचार के बाद, उसने मेकअप किया और वह गाउन पहना जो ऑस्टिन ने पहले उसके लिए खरीदा था, फिर इवेंट के लिए निकल पड़ी।
जैसे ही कार रुकी, उसके सामने भव्य होटल का बॉलरूम नज़र आया।
हर तरफ़ से लग्ज़री, शानो-शौकत और अमीरों-उच्च समाज की एक साफ़ झलक टपक रही थी।
एला ने कार की खिड़की में अपना अक्स देखा।
उसका गाउन रनवे के लिए बना कस्टम पीस था, और सोने के झुमके की लटकनें उसकी गोल्डन स्पेगेटी-स्ट्रैप ड्रेस के साथ बिल्कुल जँच रही थीं।
छाती पर पड़ी मेटल चेन ने उसके लुक में नफ़ासत की एक अलग ही धार जोड़ दी थी।
खुद को संभालने के लिए उसने एक स्थिर साँस ली और आगे बढ़ गई।
मार्बल के फर्श पर उसकी ऊँची एड़ियों की टक-टक गूँजी तो एला ने होटल के बीचों-बीच ऑस्टिन को देखा—हाथ में रेड वाइन का ग्लास, किसी से बातचीत में मग्न।
वह बस उसके पास जाने ही वाली थी कि एक नाज़ुक-सी, छोटी कद-काठी वाली लड़की उसकी नज़र के सामने आ गई—बेहद अपनेपन से उसने ऑस्टिन की बाँह में अपना हाथ डाल लिया, चेहरे पर खुशी दमक रही थी।
एला वहीं अचानक रुक गई, उसका चेहरा सख़्त पड़ गया।
वह जुडिथ थी।
