अध्याय 44 टकराव

"एला!"

दरवाज़े पर ऑस्टिन काफी देर से आवाज़ लगा रहा था। लगातार शोर से सिर दर्द कर रही एला अनमने मन से बिस्तर से उठी और दरवाज़ा खोलने चली गई।

झपकी-सी हालत में उसने कुंडी की तरफ हाथ बढ़ाया ही था कि दरवाज़ा खुलते ही ऑस्टिन ने उसे धक्का देकर वापस बिस्तर पर गिरा दिया। वह कदम-कदम पीछे हटती गई, फिर गद्दे ...

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