अध्याय 58 टकराव

एला की परेशानियों से भली-भांति वाकिफ़ डैरोन ने बात को और नहीं खींचा। चिंता से उसकी आवाज़ नरम पड़ गई। “एला, अगर तुम्हें कुछ परेशान कर रहा है तो मुझसे बात करो। सब कुछ अपने अंदर मत दबाकर रखो।”

“चिंता मत करो, डैरोन। अब ऐसी बातें मुझे छूती भी नहीं,” एला ने खिंची हुई मुस्कान के साथ जवाब दिया।

डैरोन उसके...

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