अध्याय 3 द लॉस्ट लिटिल गर्ल
शार्लट जल्दी-जल्दी नूह और एंडी को लेकर एयरपोर्ट से बाहर निकली।
उसकी जिगरी दोस्त, एवा डेविस, पहले से ही बाहर निकास पर खड़ी थी। शार्लट को देखते ही वह पागलों की तरह हाथ हिलाने लगी। “शार्लट!”
“एवा!” शार्लट का चेहरा खुशी से खिल उठा।
नूह और एंडी आगे की ओर दौड़ पड़े और सीधे एवा की बाँहों में जा कूदे। “एवा, क्या तुमने हमें मिस किया?”
एवा झुककर बैठी और दोनों के गालों पर एक-एक बड़ा सा चुंबन जड़ दिया। “अरे, बिल्कुल किया! और देखो, तुम्हारे लिए वो हवाई जहाज़ वाले मॉडल भी लाई हूँ जो तुम्हें बहुत पसंद हैं।”
नूह की आँखें चमक उठीं। “वॉव, ये तो कमाल है!”
एंडी उछलने लगा। “क्या वही एयरक्राफ्ट कैरियर वाला मॉडल है जिसके लिए हम कब से मरे जा रहे थे? मम्मी ने तो पहले दिलाया ही नहीं!”
साफ कहें तो वो मॉडल एक एयरक्राफ्ट कैरियर का था, और उसमें ढेर सारे नन्हे-नन्हे हिस्से थे।
शार्लट जानती थी कि नूह और एंडी के हाथ में छोटी-छोटी चीज़ें आईं नहीं कि मिनटों में उनके पुर्जे अलग हो जाते हैं। उसे हमेशा डर रहता था कि कहीं वे कोई टुकड़ा निगल न लें, इसलिए वह हमेशा मना कर देती थी।
एवा मुसकराई। “हाँ, वही वाला। तुम दोनों के लिए एक-एक।”
नूह का चेहरा खिल गया। “मुझे पता था तुम ही सबसे बेस्ट हो।”
शार्लट ने एवा की तरफ हल्की झुँझलाहट भरी नज़र डाली। “एवा, तुम इन्हें ज़्यादा बिगाड़ रही हो। इससे आदतें खराब हो सकती हैं।”
एवा ने बस कंधे उचका दिए। “कोई बात नहीं। मुझे भरोसा है बच्चे अपनी सीमा जानते हैं। चलो, घर चलते हैं।”
“ठीक है।” शार्लट ने सामान एवा की कार में रखा और नूह-एंडी के साथ बैठ गई।
उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा—और इस तरह बाहर निकलने के पास खड़े जेम्स को नहीं देख पाई, जो उसे तलाश रहा था।
डेज़ी ने जबरन मुसकराहट ओढ़े हुए तेज़ी से पास आकर जेम्स का हाथ पकड़ लिया।
“जेम्स, क्या तुम किसी को देख रहे थे? याद है न, अभी-अभी रिपोर्टरों ने हमारा इंटरव्यू लिया है।”
जेम्स ने अपना हाथ झटककर छुड़ा लिया। उसकी आँखों में ठंडापन और झुँझलाहट थी।
“डेज़ी, हमारी डील मत भूलना। अगर तुमने फिर कभी मेरे साथ वही फ्लाइट बुक की और शादी का दबाव बनाने के लिए रिपोर्टरों को साथ घसीटा, तो मैं इसे छोड़ूँगा नहीं!”
जेम्स हमेशा बेहद सावधान रहता था। फिर उसकी लोकेशन कैसे लीक हो गई और मीडिया का इतना हंगामा खड़ा हो गया?
डेज़ी ने होंठ काट लिए, चोट खाई हुई-सी लगते हुए। “जेम्स, तुमने गलत समझा। मैंने उन्हें नहीं बुलाया।”
उसकी आँखें आँसुओं से भर आईं; बेचारगी भरी सूरत जैसे हमदर्दी की भीख माँग रही हो। लेकिन जेम्स की नज़र बर्फ जैसी ही रही।
“तुम जानती हो, किया था या नहीं। मुझे ये खेल पसंद नहीं।”
डेज़ी की आँखों से आँसू बहने लगे। “वाकई मैं नहीं थी। मैं नहीं चाहती कि तुम्हारे मन में मेरे लिए इतनी गलतफहमियाँ और पूर्वाग्रह रहें।”
जेम्स की आँखों में घिन साफ थी। वह मुड़कर जाने लगा, लेकिन डेज़ी फौरन उसके पीछे चल पड़ी।
आँसू जेम्स पर असर नहीं करते थे, तो डेज़ी ने उन्हें पोंछ लिया। अब उसकी मुसकराहट बनावटी और चापलूसी भरी थी।
“जेम्स, क्या आज रात तुम्हारे पास समय है? मुझे एक नया रेस्टोरेंट पता है, खाना बहुत अच्छा है।”
जेम्स उसे घूरते हुए ही था कि अचानक उसके फोन की घंटी बेसब्री से बज उठी।
उसने कॉल उठाई, और उधर से बटलर की घबराई हुई आवाज़ आई। “मिस्टर मार्टिन, एमा गायब है!”
जेम्स की आँखें गुस्से से फैल गईं। “क्या कहा? इतने सारे बड़े लोग एक बच्चे का ध्यान कैसे नहीं रख पाए?” वह झिड़क उठा।
बटलर की आवाज़ काँप रही थी। “वो अपने आप पीछे वाले बगीचे से बाहर निकल गई। हम अभी उसे ढूँढ़ रहे हैं।”
जेम्स ने डेज़ी की तरफ एक नजर फेंकी और गरजा, “सबको खोज में लगा दो। अगर एमा नहीं मिली तो वापस आने की ज़रूरत नहीं!”
बटलर ने कहा, “समझ गया।”
फोन रखने के बाद जेम्स ने अपने असिस्टेंट को कॉल किया। “आज की मेरी सारी मीटिंग्स कैंसिल कर दो और एम्मा को ढूँढ़ने के लिए एक टीम जुटाओ।”
असिस्टेंट ने जवाब दिया, “जी, अभी करता हूँ।”
सब इंतज़ाम होते ही जेम्स ने मार्टिन विला का सर्विलांस सिस्टम खोल लिया।
फुटेज में दिखा—एक छोटी-सी बच्ची राजकुमारी वाली ड्रेस पहने पिछवाड़े के गुलाबों की झाड़ियों के बीच दौड़ रही थी, फिर देखते-देखते नज़र से गायब हो गई। वही उसकी बेटी थी—एम्मा मार्टिन।
यह देखकर जेम्स ने मुट्ठी भींच ली।
इतनी-सी बच्ची—एम्मा आखिर कहाँ जा सकती थी?
जो भी हो, जेम्स को उसे ढूँढ़ना ही था।
डेज़ी ने उसे ढाढ़स बँधाने की कोशिश की, “जेम्स, चिंता मत करो। मैं भी एम्मा को ढूँढ़ने में तुम्हारी मदद करूँगी।”
जेम्स ने कुछ नहीं कहा। वह तेज़ी से बाहर निकल पड़ा; उसके जल्दबाज़ कदम उसके भीतर की घबराहट को साफ़ दिखा रहे थे।
उधर, एवा गाड़ी चलाकर सबको घर ले जा रही थी।
चार्लट सामने वाली सीट पर बैठी थी, और पीछे बच्चे हँस-बोल रहे थे। कार के अंदर एक अपनापन और खुशियों वाला माहौल था।
लेकिन अचानक एवा ने ज़ोर से ब्रेक लगा दिए। चार्लट चौंक गई, और एंडी व नोआ भी घबरा कर चीख पड़े।
चार्लट ने पूछा, “एवा, क्या हुआ?”
एवा ने साँस सँभालते हुए कहा, “सड़क पर एक बच्चा है।”
किस्मत से उसने वक्त पर ब्रेक लगा दिए, वरना छोटी बच्ची को गाड़ी लग सकती थी।
चार्लट ने एक पल भी नहीं गंवाया। उसने दरवाज़ा खोला और सड़क पार कर रही बच्ची की ओर दौड़ पड़ी।
वे थालोरिया की सबसे व्यस्त सड़क पर थे, सिग्नल हरा था और ट्रैफिक तेज़ था।
बच्ची ने खूबसूरत बैंगनी रंग की प्रिंसेस ड्रेस पहन रखी थी। उसका नाज़ुक चेहरा गुड़िया जैसा था, मगर उसकी आँखें सूनी थीं।
चारों तरफ़ गाड़ियों के हॉर्न कान फाड़ रहे थे, पर उसे जैसे कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा था—वह अपनी ही दुनिया में खोई हुई थी।
“हट जाओ!” चार्लट चिल्लाई, जैसे ही उसने देखा कि एक सफ़ेद कार तेज़ी से बच्ची की तरफ़ बढ़ रही है। बिना सोचे-समझे वह आगे झपटी और बच्ची को पकड़ लिया।
कार चरमराती आवाज़ के साथ रुक गई; ब्रेक की तीखी चीख हवा में गूँज उठी।
चार्लट ने अपने शरीर से बच्ची को ढक लिया। वे दोनों ज़मीन पर कई बार लुढ़कते हुए जाकर रुके।
चार्लट के टखने में तेज़ दर्द उठा, पर उसे नज़रअंदाज़ करके उसने तुरंत बच्ची को देखा। “बेटा, तुम ठीक हो?”
चार्लट ने आसपास देखा और बोली, “तुम अकेली सड़क क्यों पार कर रही हो? तुम्हारे मम्मी-पापा कहाँ हैं?”
उसने कई सवाल किए, लेकिन बच्ची ने कोई जवाब नहीं दिया।
वह बिल्कुल ऐसी लग रही थी जैसे कोई गुड़िया—जिसमें जान ही न हो।
यहाँ तक कि जब चार्लट ने उसका हाथ पकड़ा, तब भी उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
यह देखकर चार्लट के मन में बेचैनी की लहर दौड़ गई।
उसे लगा कि यह बच्ची ऑटिज़्म से प्रभावित हो सकती है।
एवा नोआ और एंडी को लेकर भागती हुई आई, और तुरंत चार्लट के घुटने पर लगी खरोंच देख ली। “चार्लट, तुम्हें चोट लगी है!” वह चौंककर बोली।
यह सुनकर चार्लट ने नीचे देखा, दर्द सहते हुए दाँत भींच लिए। “मैं ठीक हूँ। पहले इसे सुरक्षित जगह ले चलते हैं। यहाँ गाड़ियाँ बहुत हैं—बहुत खतरनाक है,” उसने कहा।
नोआ गंभीरता से बोला, “मॉम, आपके पैर का इलाज होना चाहिए, वरना और बिगड़ जाएगा!”
उसी पल, बच्ची की आँखों में हल्की-सी चमक आई, और उसने धीरे-धीरे ऊपर देखा।
