अध्याय 32: हिट हर बैक

"हटो यहाँ से! क्या तुम्हें पता भी है मैं कौन हूँ? मेरी राह रोकने की हिम्मत कैसे हुई?" डेज़ी ग़ुस्से से आग-बबूला थी, लेकिन अपना ग़ुस्सा निकालने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था।

पर्ल का प्यारा-सा चेहरा और उसकी जवानी की ताज़गी देखकर डेज़ी की जलन और बढ़ गई, और उसने तय कर लिया कि सारा ग़ुस्सा उसी पर उतारे...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें