अध्याय 64 टाइट फॉर टैट

"शार्लट, किस्मत तो तुम्हारी सच में साथ दे गई। यक़ीन नहीं होता, तुम उस झंझट से निकल कैसे आई," डेज़ी ने कहा—आवाज़ में टपकता तंज़, साफ़ तौर पर कुछ दिन पहले वाली घटना की ओर इशारा करते हुए।

"हाँ, लगता है मैं वाकई इतनी ही किस्मतवाली हूँ। तारीफ़ के लिए शुक्रिया, डेज़ी," शार्लट ने भी उसी तंज़ में पलटकर कहा...

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