अध्याय 7 द ब्लाइंड फ़ूल

शार्लट इतनी देर तक ठंड में बाहर खड़ी रही कि टैक्सी बुलाना तक भूल गई।

उसे देखते ही एलेक्स ने गाड़ी पास आकर रोक दी और शीशा नीचे किया। “घर छोड़ दूँ, शार्लट?”

वह “हाँ” कहने ही वाली थी कि तभी जेम्स आ पहुँचा, उसकी आवाज़ बर्फ़ जैसी ठंडी थी। “किसी भी सूरत में नहीं, ये अभी कहीं नहीं जा रही!”

“जेम्स, मेरे मामलों से तुम्हें क्या?” शार्लट तड़पकर बोली, उसे घूरते हुए। पल-पल उसका गुस्सा बढ़ता जा रहा था।

जेम्स उसे चैन से क्यों नहीं छोड़ देता? तलाक़ लेकर डेज़ी से शादी करने की ज़िद तो उसी की थी, है न?

एलेक्स गाड़ी से उतरा और शार्लट के सामने आकर जेम्स के सामने तन गया। “सर, शार्लट की ज़िंदगी उसकी अपनी है। उसे हक़ है तय करने का कि वह रुके या जाए।”

शार्लट चुप रही, बस जेम्स को देखती रही, जबकि एलेक्स उसकी हर हरकत पर नज़र रखे हुए था।

जेम्स ने कड़वा-सा ठहाका लगाया, उसकी आवाज़ में व्यंग्य टपक रहा था। “शार्लट, इतने सालों बाद पता चला कि तुम इतनी बदलने वाली हो। हमेशा कहती थीं कि तुम मुझसे प्यार करती हो, है न? छह साल पहले बिना एक शब्द बोले चली गईं, और अब इतनी आसानी से आगे बढ़ रही हो?”

वह उसे देखता रहा—आँखें ठंडी, जिद्दी और अटल।

शार्लट को उसकी बातें बेहूदगी लगीं। उसने ठंडे स्वर में कहा, “लोग बदल जाते हैं। और अब हमारा एक-दूसरे से कोई लेना-देना नहीं। मुझे किसे पसंद करना है, ये मेरा मामला है।”

वह देख सकती थी कि उसकी बातों ने जेम्स को और भड़का दिया।

उसने सिर झुका लिया, उसका सामना नहीं करना चाहती थी। अतीत बहुत दर्दनाक था। तभी एक टैक्सी धीरे-धीरे आकर रुकी—जैसे किसी ने आकर उसे बचा लिया हो। शार्लट ने फौरन हाथ देकर उसे रोका और जल्दी से अंदर बैठ गई, बस वहाँ से निकल जाना चाहती थी।

एलेक्स उसे जाते देखता रहा; उसके चेहरे पर छाया गहरा गया। वह मुड़ा तो जेम्स के सामने खड़ा था—दोनों के बीच तनाव साफ़ महसूस हो रहा था।

“शार्लट तुमसे बात नहीं करना चाहती। उससे दूर रहो,” एलेक्स ने ठंडेपन से कहा। जेम्स ने होंठ टेढ़े किए, लगभग बराबर कद होने पर भी वह एलेक्स को नीचे दिखाने की कोशिश कर रहा था।

“उसके साथ मेरे जो मसले हैं, वो तुम्हारा काम नहीं। अगर किसी को गायब होना चाहिए, तो तुम,” जेम्स ने पलटकर ताना मारा। एलेक्स का चेहरा और सख्त हो गया, उसकी भौंहें हल्का-सा उठीं। “काफी भरोसा है तुम्हें। लेकिन अगर तुमने शार्लट को चोट पहुँचाई, तो कीमत चुकानी पड़ेगी।”

जेम्स ने एलेक्स को ऊपर से नीचे तक देखा, लहजा डींग भरा था। “तुम अपने आपको समझते क्या हो? मेरी एक्स-वाइफ़ के साथ मेरे मसले तुम्हारी चिंता का विषय नहीं। अक्लमंदी इसी में है कि रास्ते से हट जाओ।” एलेक्स की आँखों में हैरानी कौंध गई। तो ये शार्लट का पूर्व पति था?

उसके होंठों पर एक हल्की-सी, अर्थभरी मुस्कान आई। “तो तुम ही हो वो अंधा मूर्ख।” इतना कहकर एलेक्स वापस गाड़ी में बैठा और गाड़ी लेकर निकल गया।

जेम्स एलेक्स के शब्दों पर आग-बबूला हो उठा, गुस्से में एक पत्थर को ठोकर मार दी। फिर उसने डीन को फोन किया। “शार्लट वापस आ गई है, और एक आदमी के साथ है। कल तक मुझे उसकी पूरी जानकारी चाहिए।”

घर लौटकर शार्लट खुद को संभाल नहीं पा रही थी; दिल अब भी धक-धक कर रहा था। जेम्स का चेहरा और उसके शब्द बार-बार दिमाग़ में घूम रहे थे।

शार्लट ने आँखें बंद कर लीं, उसे लगा जैसे किसी ने उसे पीछे से धक्का दे दिया हो।

जब उसने आँखें खोलीं, एंडी और नोआ उसे फिक्रमंद नज़रों से देख रहे थे। “माँ, आप वापस आने के बाद से खोई-खोई सी हैं। काम पर कुछ हुआ था क्या? या किसी ने आपको परेशान किया?” एंडी ने पूछा।

शार्लट ने सिर हिलाया। वह उन्हें तसल्ली देने के लिए ज़बरदस्ती मुस्कुराने की कोशिश कर रही थी, मगर वह मुस्कान काँच जैसी नाज़ुक और बेअसर लग रही थी। उसने बात को यहीं छोड़ देने का फैसला किया और एंडी व नूह को प्यार से समझाकर सोने की तैयारी कराने लगी।

“मैं ठीक हूँ। बस किसी से टकरा गई थी, जिससे मन खराब हो गया। आज रात मेरा मूड नहीं है। चलो, आज जल्दी सो जाते हैं, ठीक है?”

एंडी और नूह ने एक-दूसरे की तरफ देखा और चुपचाप सिर हिला दिया। फिर दोनों साथ-साथ अपने कमरे में चले गए।

उनके सो जाने के बाद शार्लट सोफ़े पर बैठी रही, बेचैनी अब भी कम नहीं हुई थी। उसने वाइन निकाली और दो-तीन गिलास पी लिए। छह साल पहले की यादें उमड़कर सामने आ गईं। जेम्स के साथ बिताए लम्हे जैसे उसके दिमाग़ में गहरे खुदे हुए थे, और उसे उस वक्त की अपनी ज़िद पर बुरी तरह पछतावा हुआ। उसे हमेशा यही लगा था कि उससे कोई प्यार नहीं करता—और यही एहसास उसके दिल को हर समय दुखाता रहता था।

बस एक राहत थी कि नूह और एंडी सो रहे थे, इसलिए वह थोड़ी ढील छोड़ सकती थी। उधर बेडरूम में एंडी और नूह ने एक-दूसरे की तरफ देखा—शार्लट परेशान थी, यह जानते हुए दोनों की नींद उड़ गई थी। जब से वह वापस आई थी, वे उसका बदला हुआ मिज़ाज भांप रहे थे। और “किसी से मिलने” की बात सुनकर उन्हें समझ आ गया कि वह बस एक ही आदमी हो सकता है—उनके पिता, जेम्स।

एंडी ने पहले नूह से कहा, “तुम्हें लगता है, आज मम्मी ने डैड को देखा?”

नूह ने तिरछी हँसी हँसी। “और कौन मम्मी को इतना परेशान कर सकता है?” एंडी ने गुस्से में मुट्ठियाँ भींच लीं। “हमें उसे इसकी कीमत चुकानी होगी—मम्मी को दुखी करने की।”

नूह ने जवाब नहीं दिया, लेकिन साफ़ था कि वह भी यही सोच रहा था। उनके लिए शार्लट सबसे ज़रूरी थी, और कोई भी उसे चोट नहीं पहुँचा सकता था।

एक पल को नूह के दिमाग़ में एम्मा का चेहरा आया, और “जैसे को तैसा” का ख़याल भी उभरा। उसे पता था जेम्स एम्मा को कितना अहम मानता है—अगर एम्मा को चोट पहुँचे, तो जेम्स को ज़रूर दर्द होगा। मगर यह विचार बस पल भर टिक पाया। नूह ने सिर झटककर उसे झाड़ दिया। गलती जेम्स की थी, एम्मा बेगुनाह थी।

नूह और एंडी शार्लट के लिए जेम्स से बदला लेने के तरीके सोचते रहे, और आखिरकार सोचते-सोचते ही सो गए।

अगली सुबह जब एंडी और नूह उठे, तो उन्होंने देखा कि शार्लट का मूड बेहतर था। वह खुशदिल अंदाज़ में उन्हें नाश्ते के लिए बुला रही थी, जैसे कुछ हुआ ही न हो। शार्लट को ठीक मूड में देखकर दोनों को राहत मिली।

“मम्मी, आपका बनाया नाश्ता सबसे अच्छा होता है,” एंडी ने कहा।

हालाँकि शार्लट जानती थी कि वे बस उसका मन हल्का करने की कोशिश कर रहे हैं, फिर भी उसे बहुत अच्छा लगा। उसने कहा, “जितना मन करे, उतना खाओ।”

बातों-बातों में डोरबेल बजी। एंडी दौड़कर दरवाज़ा खोलने गया, और एवा अच्छी खबर लेकर अंदर आई।

“शार्लट, मैंने बच्चों का एडमिशन ड्रीम विंग्स किंडरगार्टन में तय करवा दिया है—सबसे बढ़िया स्कूल। वे कभी भी शुरू कर सकते हैं।”

शार्लट की आँखें तुरंत चमक उठीं। उसने मुस्कुराकर एंडी और नूह की तरफ देखा।

“ये तो बहुत अच्छा हुआ! मैं बाद में तुम्हें स्कूल छोड़ने चलूँगी। तुम्हें कैसा लगेगा?”

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