अध्याय 1

पाँच साल की शादी के बाद, कैटनिस एस्टर के पति सेड्रिक यॉर्क—जो कुछ ही दिन पहले अपनी बचपन की प्रेमिका पर लाइन मार रहा था—अब अपनी पहली मोहब्बत के साथ एक होटल में दाखिल हो चुका था।

दोनों एक-दूसरे से हाथ हटाए बिना चलते-चलते बेतहाशा चूम रहे थे। उनके बीच की नज़दीकी की आवाज़ें ऐसे घुल-मिल रही थीं कि किसी को भी उनके रिश्ते से जलन हो जाए।

उसकी बाँहों में जो औरत थी, उसके गाल सुर्ख थे और आँखें चाहत से धुंधली—मासूम भी, और लुभावनी भी।

अगर उसकी आँखों में चमकती वह दुष्टता की झलक नज़रअंदाज़ कर दी जाए, तो वह और भी आकर्षक लगे।

धोखा खाई पत्नी कैटनिस वहीं जड़ होकर खड़ी रह गई, उसकी सलीके से तराशी हुई नाख़ूनों की नोकें उसकी हथेलियों में चुभकर दर्द देने लगीं।

मगर यह शारीरिक दर्द उसके दिल की टीस के सामने कुछ भी नहीं था।

ठंडी हवा ने उसके लंबे बालों को उड़ा दिया।

कैटनिस को अचानक बेहद थकान महसूस हुई।

पाँच साल की शादी।

उसने तय कर लिया—उसे भी आज़ाद करेगी, और खुद को भी।

धोखा खाई पत्नी जैसा हंगामा खड़ा करके उन्हें रंगेहाथ पकड़ने के बजाय, कैटनिस चुपचाप चलकर सेड्रिक के होटल के कमरे के बाहर जा खड़ी हुई।

होटल की दीवारें कोई खास आवाज़ रोकने वाली नहीं थीं।

उसे किसी औरत की नखरीली, चिढ़ाने वाली-सी किलकारियाँ और किसी मर्द की धीमी, बहलाती दिलासेभरी बातें टुकड़ों-टुकड़ों में सुनाई दे रही थीं।

उनकी ठीक-ठीक बात तो समझ नहीं आ रही थी, लेकिन उसके दिमाग ने बगल वाले कमरे में चल रहे उस अंतरंग दृश्य की जिंदा तस्वीरें खुद ही बना लीं।

उसके होंठों पर कड़वी मुस्कान उभर आई।

सेड्रिक के कई अफेयरों की अफ़वाहें उसने पहले भी बहुत सुनी थीं, मगर वे हमेशा अख़बारों-चैनलों की बातें थीं—पक्के सबूत के बिना।

वह खुद को बहलाती रही थी कि शायद यह सब उसके कारोबारी दुश्मनों की फैलाई गंदी अफवाहें होंगी, ताकि उसकी साख को चोट पहुँचे।

लेकिन अब, उसकी बेवफ़ाई उसकी आँखों के सामने नंगी सच्चाई बनकर खड़ी थी। कैटनिस को लगा जैसे किसी ने उसके गाल पर ज़ोरदार थप्पड़ जड़ दिया हो—उसकी आख़िरी उम्मीदें और भ्रम चूर-चूर होकर मिट्टी में मिल गए हों।

सेड्रिक बेशक असाधारण आदमी था, मगर प्यार का लती भी।

उसके पास बचपन की प्रेमिका थी, एक “जो हाथ से निकल गई”, और उसकी पहली मोहब्बत—लिलियन वॉटसन, वही औरत जिसे वह अभी अंदर लेकर आया था।

इन सालों में कैटनिस को लगता रहा जैसे वह एक ऐसा वीडियो गेम खेल रही हो जिसका कोई अंत नहीं।

एक प्रतिद्वंद्वी को हराओ, तो अगली तुरंत सामने।

हर औरत पूरी जिद और मुकाबले के साथ आती, और कैटनिस की ऊर्जा, उसका समय, और सेड्रिक के लिए उसका प्यार—सब चूस लेती।

बगल वाला कमरा अब शांत हो गया था।

कैटनिस ने तंज भरे मन से सोचा, दोनों कीमती साथ को बातचीत में जाया करने का इरादा नहीं होगा।

वह पूरी रात गलियारे में बैठी रही, और उनके रिश्ते को अपने मन में स्लाइड शो की तरह दोहराती रही—पहली मुलाकात से लेकर शादी तक, और उसके बाद जो कुछ भी हुआ।

उनकी शादी वाकई एक कारोबारी समझौता थी।

सेड्रिक तय समय पर घर आता था, उसके साथ रहने के लिए।

मगर वह न प्यार था, न पति होने का फर्ज़।

यॉर्क परिवार ने शर्त रखी थी कि पहला पोता पैदा होने पर कंपनी में 10% हिस्सेदारी मिलेगी। और यह शर्त गैर-मोलभाव थी कि बच्चा कानूनी पत्नी से ही जन्मा होना चाहिए। इसी वजह से, सेड्रिक की अनगिनत औरतों के बावजूद, उसने उनमें से किसी के साथ कभी बच्चा नहीं किया।

सेड्रिक की नज़र में वह बस एक औज़ार थी। उनकी सबसे निजी घड़ियाँ भी केवल उन्हीं शेयरों को पाने का साधन थीं।

उसके फोन पर एक नोटिफिकेशन की टन-टन हुई।

स्क्रीन अनलॉक करते ही कैटनिस को एक ज़हरीला संदेश मिला:

[तुम्हें लगा तुमने मुझे हटा दिया और अब सेड्रिक के साथ खुश रहोगी? सपने देखो! तुम्हें सच बता दूँ—लिलियन उसके दिल में हमेशा सबसे अहम रहेगी!]

[अब जब लिलियन देश वापस आ गई है, वो पक्का तुम्हें तलाक देगा। मुझे बेसब्री है तुम्हें सड़क पर फेंका हुआ देखने की!]

भेजने वाली सेड्रिक की बचपन की प्रेमिका थी।

उस औरत के इरादे बड़े थे—वह कैटनिस की जगह लेना चाहती थी, और उस संभावना को रोकने में कैटनिस को काफी मेहनत और चालाकी लगानी पड़ी थी।

मगर अफ़सोस, सेड्रिक ने उसे संभलने की ज़रा-सी भी मोहलत नहीं दी; अगला विरोधी पहले ही सामने आ चुका था।

ये औरतें आती ही रहेंगी।

अब वह इस अंतहीन जंग में खुद को झोंकना नहीं चाहती थी।

वह बहुत थक चुकी थी।

कैटनिस रात भर सो नहीं पाई थी।

थकी हुई टांगों के साथ निकलने की तैयारी करते ही उसे अचानक लगा जैसे किसी की बर्फ़ जैसी नज़र उस पर गड़ी हो।

वह सहज ही मुड़ी और सेड्रिक की ठंडी घूरन से आँखें मिल गईं।

उसका चेहरा सख़्त था, उसका रौब काटता हुआ—धारदार और जमा देने वाला।

“तुम यहाँ क्या कर रही हो?”

कैटनिस ने तुरंत उसके इशारे को समझ लिया।

क्या वह उस पर उसका पीछा करने का इल्ज़ाम लगा रहा था?

उसकी आँखें बर्फ़ की तरह सख़्त हो गईं।

“अगर मैं नहीं आती, तो क्या तुम अपनी पहली मोहब्बत लिलियन के साथ एक और रात गुज़ारने वाले थे?”

सेड्रिक ने चिढ़कर भौंहें सिकोड़ीं। “लिलियन नशे में थी। मैं बस उसका ख्याल रख रहा था।”

“ख्याल रख रहे थे? क्या ही ज्ञानवर्धक सफ़ाई है,” कैटनिस ने पलटकर कहा, बाँहें सीने पर बाँधते हुए। “एक शादीशुदा आदमी, पूरी रात बाहर, किसी दूसरी औरत के साथ अकेला—और बस ‘ख्याल रखना’?”

ये कहते-कहते कैटनिस अपने सीने में फैलती तीखी पीड़ा से लड़ रही थी।

उसे याद आया—उनके बीच कितने मीठे पल रहे थे।

उसे लगा था कि कारोबार की खातिर की गई शादी भी कभी सच्ची बन सकती है।

सेड्रिक कभी-कभी उसके साथ अच्छा रहा था, लेकिन वह बहुतों के साथ अच्छा रहता था।

सेड्रिक का चेहरा और गहरा हो गया।

उसने ग़ुस्सा दबाते हुए आँखें और तंग कर लीं।

“पहले पीछा करना, अब झूठे इल्ज़ाम। कैटनिस, तुम्हें जल्द अस्पताल जाना चाहिए—मानसिक बीमारी का इलाज जल्दी शुरू होना चाहिए।”

सेड्रिक की घृणा बिना छिपाए झलक रही थी। कैटनिस को याद आया, लिलियन को दिलासा देते वक्त उसकी आवाज़ कितनी नरम थी।

उसके साथ उसका रवैया और लिलियन के साथ उसका रवैया—ज़मीन-आसमान का फ़र्क था।

कैटनिस की आँखों में बची आख़िरी चमक भी टूटकर बिखर गई।

ये शब्द कहकर सेड्रिक तेज़ क़दमों से चला गया; न उसने कैटनिस की लड़खड़ाती हालत देखी, न उसकी आँखों के नीचे पड़े काले घेरे।

कैटनिस की नज़र धुँधली हो गई, जैसे दुनिया धीमी गति में घूम रही हो।

वह गिरने से बचने के लिए पास की दीवार से टिक गई, सीना बुरी तरह दुख रहा था।

कल उसे रंगे हाथों पकड़ लेने के बावजूद, वह कमरे के भीतर जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाई थी।

वह पहले ही बहुत दर्द और सदमा झेल चुकी थी—वह ऐसे दृश्य नहीं देख सकती थी जो उसे और तोड़ दें।

सिर्फ़ सोच भर से उसका दिमाग़ घूमने लगता था।

उसी वक्त उसके पीछे हल्की-हल्की एड़ियों की आवाज़ आई।

लिलियन इत्मीनान से पास आई, चेहरे पर आत्मसंतुष्ट मुस्कान। मगर उसकी मुस्कान से भी ज़्यादा ध्यान उसकी गर्दन पर पड़े साफ़-साफ़ निशान खींच रहे थे—जिनसे पिछली रात की गर्मी और उन्माद चीख़-चीख़कर झलक रहे थे।

कैटनिस की आँखें सिमट गईं।

सेड्रिक की सफ़ाई याद आते ही उसे खुद पर हँसी आने लगी—वह जैसे एक चलती-फिरती मूर्ख बन गई थी।

लिलियन ने छिपी हुई कटुता के साथ कहा, “कैटनिस, तुम्हारा हाल बुरा लग रहा है। क्या अकेले सोने से तुम कमज़ोर पड़ गई हो?”

कैटनिस ने किसी तरह अपनी डगमगाती नज़र संभाली, लिलियन को एक लंबी नज़र से देखा, फिर मुड़कर चल दी।

अब कोई भ्रम नहीं बचा था।

सेड्रिक ने सचमुच बेवफ़ाई की थी।

दीवार का सहारा लेते हुए कैटनिस घर लौटी। सबसे पहले उसने अपने वकील से तलाक़ के काग़ज़ात तैयार करवाए, उन पर दस्तख़त किए और कुरियर से सीधे सेड्रिक को भिजवा दिए।

अब बस।

वह इस शादी में—जो अब एक जेल बन चुकी थी—और एक पल भी नहीं घुटना चाहती थी।

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