अध्याय 127

एक धीमी-सी “छप” की आवाज़ हुई। तेल में लथपथ झींगा वॉन के जमे हुए चेहरे से फिसलता हुआ नीचे आया, उसके महंगे सूट के लैपल पर जा गिरा और एक चिकना, शर्मनाक-सा धब्बा छोड़ता हुआ आखिरकार चमचमाते, बेदाग फर्श पर टपक पड़ा।

पूरा डाइनिंग हॉल एकदम से मौत जैसी सन्नाटे में डूब गया।

सब लोग घूरते रह गए—सेड्रिक की अचा...

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