अध्याय 139

कैटनिस ने झटके से सेड्रिक का हाथ अपने हाथ से झाड़ दिया। उसकी कलाई पर लाल निशान उभरने भी लगा था।

उसने ऊपर देखा। रात की ठंडी हवा उसके बालों को उलझा रही थी, मगर उसके चेहरे पर न वह गुस्सा था, न वह चोट, जिसकी सेड्रिक को उम्मीद थी। उसकी जगह एक लगभग बेहूद-सी मुस्कान थी—तंज़ से भरी हुई।

“सेड्रिक यॉर्क।” उ...

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