अध्याय 143

उसके माथे की नस धड़क रही थी। गुस्से को दबाए रखते हुए सेड्रिक का चेहरा बर्फ़-सा ठंडा पड़ गया, और उसने एक क़दम आगे बढ़ाया।

उसने आवेश में आकर कोई हरकत नहीं की। बल्कि अपने रौबदार वजूद के साथ वह थोड़ा आगे हो गया, जैसे कैटनिस को आड़ दे रहा हो। उसकी तीखी नज़र फॉलन पर टिकी थी, जो बाँहें क्रॉस किए खड़ी थी।

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