अध्याय 2
जब सेड्रिक ने पैकेट खोला और तलाक़ के काग़ज़ात देखे, तो उसने बिना एक पल सोचे उन्हें पास ही रखे कूड़ेदान में उछाल दिया।
उसके चेहरे पर तिरस्कार की एक झलक तैर गई।
उसका ध्यान खींचने की एक और सस्ती चाल।
कैट्निस तो कितनी अनुमानित थी।
उस रात कैट्निस अपनी शाम की दिनचर्या पूरी करके जल्दी सो गई, लेकिन नींद आते ही उसे डरावने सपनों ने घेर लिया।
एक पल वह सेड्रिक के साथ मंडप में थी, उसके साथ हमेशा रहने की क़सम खा रही थी; अगले ही पल वह कल का वही दृश्य फिर जी रही थी—जब उसने उसे किसी दूसरी औरत के साथ होटल में चेक-इन करते पकड़ा था।
जिन-जिन औरतों के साथ वह रहा था, वे सब भूतों की तरह उसके सपने में उभर आतीं और उसकी नींद को सतातीं।
“सेड्रिक!”
कैट्निस झटके से जाग उठी—पूरा बदन ठंडे पसीने से भीगा हुआ।
वह सिरहाने के सहारे उठकर बैठ गई, चेहरा ज़र्द और साँसें तेज़—तभी अचानक कमरे की लाइट जल उठी। उसने आँखें मिचमिचाईं और दरवाज़े पर खड़े एक आदमी का साया साफ़ होने लगा।
सेड्रिक काली शर्ट में खड़ा था, नज़रें ठंडी और दूर।
“नींद में मेरा नाम भी ले रही हो, और मुझे तलाक़ के काग़ज़ भेज रही हो?” उसकी आवाज़ तंज़ से टपक रही थी।
कैट्निस का चेहरा और भी सफ़ेद पड़ गया।
“मैं जानता हूँ तुम्हें क्या चाहिए—मिसेज़ यॉर्क की कुर्सी पक्की करने के लिए एक बच्चा। मैं तुम्हें वो दे दूँगा।”
सेड्रिक ने गले से टाई ढीली कर के उतारी और कदम-दर-कदम कैट्निस की तरफ़ बढ़ने लगा।
जैसे-जैसे वह पास आया, उसके शरीर से मीठे परफ़्यूम की हल्की-सी खुशबू कैट्निस की नाक तक पहुँची।
कल रात का दृश्य फिर उसके दिमाग़ में कौंध गया।
सेड्रिक का हाथ पहले ही उसके कंधे पर था, उसकी पतली रेशमी नाइटगाउन उतारने को तैयार।
कैट्निस एकदम होश में आई और जिस ताक़त का उसे खुद अंदाज़ा नहीं था, उससे उसने उसे धक्का दे दिया।
“मुझे मत छुओ। घिन आती है!”
उसने पहले कभी उसकी नज़दीकियाँ ठुकराई नहीं थीं।
आख़िर वह सालों से सेड्रिक से प्यार करती आई थी और सचमुच उसके साथ एक बच्चा चाहती थी।
लेकिन वह उसकी बेवफ़ाई स्वीकार नहीं कर सकती थी—ख़ासकर तब, जब वह दूसरी औरत के बिस्तर से उठकर सीधे उसके पास आया हो।
सेड्रिक का चेहरा पल भर में सख़्त पड़ गया, और लहज़े में नाराज़गी भर गई।
“कब तक ये नाटक चलाओगी?”
कैट्निस ने कंबल और ऊपर खींच लिया, सतर्क नज़रों से उसे देखते हुए।
“तलाक़ की बात मज़ाक नहीं थी। मैं गंभीर हूँ।”
यह शादी उसके लिए एक पिंजरा बन चुकी थी—खास तौर पर उसी के लिए गढ़ा हुआ। शादी के बाद से वह नरम और ख्याल रखने वाली रही, उसके लिए खाना बनाती रही, ‘परफ़ेक्ट’ पत्नी बनने की कोशिश करती रही।
उसने भोलेपन में मान लिया था कि अगर वह कोशिश करती रही, तो एक दिन सेड्रिक का दिल जीत लेगी।
लेकिन हक़ीक़त ने उसे ज़ोरदार थप्पड़ मारा—दर्दनाक, पर होश में लाने वाला।
वह उसे वफ़ादार नहीं बना सकती थी।
“हम दोनों थक चुके हैं। यही फैसला हम दोनों के लिए बेहतर है। मैं तुम्हें तलाक़ के बारे में सोचने के लिए एक दिन दे रही हूँ। तय समय में दस्तख़त कर दोगे तो मैं बिना कुछ लिए चली जाऊँगी। लेकिन अगर समय निकाल दिया, तो मैं कानूनी कार्रवाई करूँगी और तुम्हारी आधी संपत्ति पर दावा करूँगी।”
“फैसला तुम्हारा है।”
सेड्रिक की आँखों में बर्फ़-सी ठंडक चमकी जब उसने उसे घूरकर देखा, उसकी पतली आँखें उसे ऊपर से नीचे तक परखती रहीं।
शादी के इन सालों में कैट्निस ने उसका ध्यान खींचने के लिए अनगिनत तरीके आज़माए थे, लेकिन तलाक़ का ज़िक्र उसने पहली बार किया था।
“ये सब कल रात की वजह से? कैट्निस, क्या तुम इतनी बेवजह की ज़िद छोड़ नहीं सकती? लिलियन अभी-अभी देश लौटी है और नशे में थी। उसे होटल छोड़ आने में क्या ग़लत है?”
उसी पल कैट्निस को लगा जैसे किसी ने उसकी आँखों में रेत झोंक दी हो।
उसे साफ़ दिखाई नहीं दे रहा था, मगर दर्द असहनीय था।
वह बेवजह की ज़िद कर रही थी...
और लिलियन—वो बस इतनी प्यारी-सी थी?
सेड्रिक के बिल्कुल बदले हुए रवैये से ही उसे समझ आ गया था कि वह लिलियन से पूरी तरह हार चुकी है।
“सेड्रिक, तुम्हारे इन अंतहीन अफेयरों से मेरा जी भर गया है। तुम्हें एक ऐसी आज्ञाकारी, समझदार पत्नी चाहिए जो तुम्हारी बेवफ़ाई सहती रहे, मगर मैं अब और नहीं कर सकती!”
कैट니스 ने गहरी साँस ली, बिस्तर से उतरी और बेडसाइड टेबल की दराज़ से तलाक़ के काग़ज़ात की एक और प्रति निकाल ली।
उसे डर था कि दफ़्तर भेजी गई कॉपी को वह नज़रअंदाज़ कर देगा, इसलिए उसने अपने वकील से दो प्रतियाँ तैयार करवा रखी थीं।
“तुम्हारी अरबों की संपत्ति बचानी है तो अभी साइन कर दो। कल के बाद मैं आधा लेने आऊँगी।”
सेड्रिक की नज़र तेज़ और भेदती हुई थी। वह उसके चेहरे को ऐसे घूर रहा था मानो उसमें छेद कर देना चाहता हो, फिर उसकी पेश की हुई तलाक़ की फाइल पर नज़र गई।
सेड्रिक ने काग़ज़ नहीं लिए, और कैट니스 ने हाथ नहीं छोड़ा—बीच में एक अजीब-सा गतिरोध बन गया।
“हद से ज़्यादा लालच की क़ीमत चुकानी पड़ती है। जिस दिन तुम यॉर्क परिवार की बहू बनकर आई थीं, तुम्हें पता था किसमें कदम रख रही हो। अब तुम मुझसे सिर्फ़ पैसा ही नहीं, वफ़ादारी भी चाहती हो?”
“कैट니스, तुम्हें ख़ुद पर हँसी नहीं आती?”
उसके आख़िरी शब्दों में तिरस्कार छिपा नहीं था।
उसने हाथ उठाकर उसका हाथ झटक दिया। तलाक़ के काग़ज़ फर्श पर बिखर गए।
सेड्रिक ने अपनी जैकेट उठाई और बाहर जाने को मुड़ गया।
कैट니스 खाली नज़रों से उन बिखरे पन्नों को देखती रही—उसका पहले से टूटा दिल फिर से लहूलुहान हो उठा।
उनकी शादी सच में एक सौदे जैसी ही थी।
उसी की वजह से जूझता हुआ एस्टर ग्रुप बच गया था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि उसने उसे चाहा नहीं था। कौन-सी औरत उस आदमी के साथ, जिससे वह सबसे ज़्यादा प्यार करे, एक सुकूनभरा घर नहीं चाहती?
“सेड्रिक, मैंने सच में तुमसे प्यार किया था… मगर अब बस इस बात की याद बची है कि कभी किया था।”
“तुमसे प्यार करना थका देता है। मैं अब और नहीं पकड़ सकती। क्या हम दोनों आज़ाद नहीं हो सकते?”
वह उसकी पीठ को देखते हुए बुदबुदाई।
सेड्रिक दरवाज़े तक पहुँच चुका था, मगर उसके शब्दों पर रुक गया। वह मुड़ा और उसे ठंडी नज़र से घूरने लगा—वह वहीं खड़ी थी, खोई-खोई सी।
“कैट니스, तलाक़? इसके बारे में सोचो भी मत।”
इन शब्दों के साथ मानो उसने उसे मौत की सज़ा सुना दी हो।
सेड्रिक तेज़ क़दमों से चला गया, और कैट니스 की सारी ताक़त जवाब दे गई। वह फर्श पर ढह गई।
अगली सुबह उसने खुद को समेटा और नीचे उतर आई—दफ़्तर जाने को तैयार।
सेड्रिक पहले ही लिविंग रूम में था, ताज़ा वित्तीय अख़बार पढ़ रहा था।
कदमों की आहट सुनकर उसने नज़र उठाई।
कैट니스, भावहीन चेहरा लिए, उसकी मौजूदगी को नज़रअंदाज़ करती हुई सीधे दरवाज़े के पास गई और जूते बदलने लगी।
उसने खुद को टूटने के लिए दो रातें दी थीं।
वह जवान थी। उसके आगे ज़िंदगी पड़ी थी—इस ज़हरीले रिश्ते में उसे बरबाद करने का कोई मतलब नहीं था।
सेड्रिक की आँखों में नाराज़गी चमकी। “कैट니스, तुम ये कब तक करती रहोगी? बहुत हो गया।”
कैट니스 ने आखिर उसकी ओर देखा। उसका खूबसूरत चेहरा उपहास से टेढ़ा हो गया। “मैं क्या कर रही हूँ?”
सेड्रिक पल भर को बोल नहीं पाया।
कैट니스 ने आगे कहा, “यही तो तुम हमेशा चाहते थे कि मैं ऐसी रहूँ। लो, अब मिल गया।”
पहले वह सेड्रिक से चिपकी रहती थी, अपनी ज़िंदगी की हर छोटी-बड़ी बात उसे बताती थी—और बदले में उसे या तो बेरुखी मिलती थी या ठंडापन। वह कहता था, उसे अपना स्पेस चाहिए।
अब वह उसे वही दे रही थी।
कैट니스 ने दरवाज़ा धकेला और बाहर निकल गई।
सेड्रिक का चेहरा उलझा हुआ था। तभी उसके सहायक का फ़ोन आ गया।
“मिस्टर यॉर्क, मिसेज़ यॉर्क ने उस रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए बोली लगानी शुरू कर दी है, जिसमें हम दिलचस्पी ले रहे थे।”
