अध्याय 206

सेड्रिक का वह अलंकारिक सवाल बड़ी हल्केपन से निकल गया।

कैट्निस ने उसकी ओर देखा—मन में तुरंत पलटकर तर्क करने की ललक उठी, मगर उसकी ज़ुबान जैसे गाँठ पड़ गई थी, और पेट में उठती मथनी-सी बेचैनी ने उसके भीतर बची-खुची लड़ाई भी छीन ली।

वह गुस्सा थी, हाँ—पर उससे भी ज़्यादा उसे एक गहरी बेबसी महसूस हो रही थी।

...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें