अध्याय 262

आसमान पर बादल छा गए थे, और सुबह-सुबह हल्की-सी फुहार पड़ने लगी थी।

डिटेंशन सेंटर के मुलाक़ाती कमरे में सीलन भरी फफूँद की गंध थी। खिड़कियों पर बारिश लगातार, बारीक थप-थप करती रही।

लिलियन प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठी, अपने वकील का इंतज़ार कर रही थी।

दरवाज़ा खुला तो अंदर वकील नहीं आया। एक महिला अधिकारी...

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