अध्याय 38

उसी पल, कैट्निस ने अपने गाल थपथपाए, जैसे दिमाग़ को झकझोरकर इतना साफ़ कर लेना चाहती हो कि काम आगे बढ़ सके।

तभी, ऑफिस के दरवाज़े पर धीमी-सी दस्तक हुई।

उसने सिर उठाया तो देखा—फ्लोरा मुस्कुराती हुई, दबे पाँव अंदर आ रही थी।

“मैडम, इन डिज़ाइनों में आपने जो बदलाव माँगे थे, वो कर दिए हैं। देख लीजिए, काम ...

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