अध्याय 77

जेट्ट का इल्ज़ाम मानो बम की तरह फटा, और पूरे माहौल में अफरा-तफरी मच गई।

सरगोशियाँ देखते ही देखते अटकलों के शोर में बदल गईं। मेहमानों के बीच शक की लहर दौड़ गई; अविश्वासी निगाहें एक चेहरे से दूसरे चेहरे पर भागने लगीं।

सब एक-दूसरे को देखने लगे, चेहरों पर वही एक-सी हैरानी तैर रही थी।

“हे भगवान, क्या ...

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