अध्याय 83

कैटनीस के लहजे में साफ़-साफ़ उपेक्षा की धार थी, जिससे नर्स असमंजस में सेड्रिक की तरफ़ देखने लगी।

सेड्रिक जैसे पत्थर का हो गया। उसकी छाती तेज़ी से उठ-गिर रही थी और आँखों में बर्फ़-सी ठंडी आग भरी थी।

वह कैटनीस को घूरता रहा—देखता रहा कि वह सिर मोड़कर उसे बस एक ठंडी, दूर की सूरत का पहलू ही दे रही है। ...

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