अध्याय 136

समर का POV

मैंने मुड़कर देखा तो वो लगभग पंजों पर उछल रही थी। सुबह के शॉवर से उसके छोटे, गहरे बाल अब भी थोड़े गीले थे, और उसकी मुस्कान इतनी सच्ची थी कि मेरी छाती में कहीं हल्का-सा दर्द उठ गया।

“ऐसा नहीं है—बस एक प्रतियोगिता है।”

“बस एक प्रतियोगिता,” मिया ने हँसते हुए दोहराया। “समर। तुम रीजनल ...

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