अध्याय 777 क्या आप घायल हैं?

सारा कुछ कह पाती, उससे पहले ही एक मध्यम उम्र की औरत अचानक भीड़ को चीरती हुई आई, बच्चे को अपनी बाँहों में खींच लिया और फूट-फूटकर रोने लगी।

वह सिसकते हुए चिल्लाई, “तूने तो मेरी जान ही निकाल दी थी!”

“तेरा बाप भी कैसा हरामी है, हमें यूँ अकेला छोड़ गया कि सारा दुख हम ही झेलें!”

औरत लगातार कोसती रही, ज...

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