अध्याय 414

वायलेट

केडन की आँखों में जो नज़र थी, उससे ज़्यादा अजीब कोई चीज़ नहीं हो सकती थी। वजह ये नहीं थी कि वह गुस्से या पागलपन से भरी थी, बल्कि इसलिए कि वह काबू में थी। किसी ऐसी के लिए ज़रूरत से ज़्यादा काबू में, जिसने अभी‑अभी कुछ खोया हो।

न उसमें हैरानी थी, न दिखने वाला गुस्सा, कुछ भी नहीं। बस ऐसी नज़र...

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