अध्याय 106

कैथी मुड़ी, उसका चेहरा हमेशा की तरह ही कोमल और शांत था।

उसके होंठ हिले, और उसकी आवाज़ मानो बहुत दूर से आ रही हो।

“एलेन, मत आना! भाग जाओ!”

“अच्छी तरह जीना, बीते कल में मत उलझना!”

“अपने आप को बचाना… तुम्हें अपने आप को बचाना ही होगा।”

बारिश में उसकी आकृति धुँधली होने लगी, जैसे वह किसी भी पल हवा मे...

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