अध्याय 123

वह वाक्य के बीच ही रुक गया और तिरछी नज़र से देखने लगा।

एलेन उसी झुके हुए आसन में जड़-सी बनी रही—पूरी तरह स्थिर, आँखें बंद, साँस इतनी हल्की कि मुश्किल से सुनाई दे।

“एलेन?”

उसकी पुकार का कोई जवाब नहीं आया।

उसकी भौंहें सिकुड़ गईं। वह हाथ बढ़ाकर बहुत धीरे से उसके कंधे को छूने लगा। “एलेन?”

उसके छूते...

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