अध्याय 126

ये कहते ही वह पलटी, उसकी एड़ियाँ गुस्से से फर्श पर जोर से पड़ीं और वह लगभग तूफ़ान की तरह अस्पताल के कमरे से बाहर निकल गई।

उसके पीछे दरवाज़ा धड़ाम से बंद हुआ, इतनी तेज़ कि दीवार तक काँप उठी।

कमरे में फिर से सन्नाटा छा गया।

एलैन की तनी हुई नसें आखिर ढीली पड़ीं। चक्कर-सा उसे घेरने लगा और वह आँखें बं...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें