अध्याय 143

“मैं... मैं ने कुछ भी गलत नहीं किया!”

एलेन के शब्द सुनकर जूलियस को न तो अपनी गलती समझ आई, उल्टा वह ज़िद पर अड़कर अपना बचाव करने लगा।

उसकी छोटी-छोटी मुट्ठियाँ कसकर भींची हुई थीं, मगर उसकी आँखें उसे धोखा दे रही थीं—वे बार-बार इधर-उधर भाग जातीं, एलेन की नज़र से नज़र मिलाने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी...

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