अध्याय 167

बंदूक की ठंडी नली उसके माथे से सट गई थी और एलेन का दिल सीने में बेकाबू धड़क रहा था।

वह टेस्ट ट्यूब को घूरती रही, जैसे डर उसे अंदर से चीर रहा हो।

इन लोगों के लिए सही-गलत की कोई सीमा नहीं थी। ज़्यादा दबाव पड़ा तो ये सचमुच ट्रिगर दबा सकते थे।

“मैं... कर दूँगी,” उसने दाँत भींचकर किसी तरह कहा।

वह यहा...

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