अध्याय 168

एलेन को नहीं पता था कि कितना वक्त बीत गया था, जब आखिरकार उसकी भारी पलकों ने साथ दिया और वे खुलीं।

सफेद छत, सफेद दीवारें—हवा में उस जानी-पहचानी, तीखी-सी ठंडक वाली कीटाणुनाशक दवा की गंध घुली हुई थी।

वह कहाँ थी… अस्पताल?

वह उलझन में पलकें झपकाने लगी, नज़रें जमाने की कोशिश की, मगर दिमाग़ पूरी तरह खाल...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें