अध्याय 170

एलेन की आँखें फैल गईं, और रीढ़ में सिहरन दौड़ गई।

बस, यही था।

उसने सहज ही अपने चोट खाए, थके शरीर को संभालकर उठाया, जैसे अभी दौड़कर भाग जाएगी।

“एलेन!”

पहाड़ी रात की खामोशी को चीरती एक जानी-पहचानी आवाज़ गूँज उठी।

वो आवाज़...

एलेन एकदम जड़ हो गई, अपने कानों पर यक़ीन ही नहीं हुआ।

उसने दर्द सहते ह...

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