अध्याय 183

आर्थर की मुट्ठी उसके जबड़े को छूती हुई निकल गई, और वह एक क़दम लड़खड़ा कर पीछे हट गया। उसने हाथ की पीठ से होंठ के कोने पर बहती खून की पतली धार पोंछी, लेकिन उसकी मुस्कान में उकसावे की धार और भी तेज़ हो गई।

“प्यार कोई सौदेबाज़ी नहीं है। तुम यूँ ही धक्का देकर किसी के दिल में वापस नहीं घुस सकते। तुम्हें...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें