अध्याय 194

उसके चेहरे की रंगत मानो भूत-सी उड़ गई थी। लड़खड़ाते कदमों से वह भीतर आई, और उसकी नज़र सीधे अस्पताल के बिस्तर पर लेटी वीरा पर जा टिक गई। पल भर में उसकी आँखें लाल हो उठीं।

“वीरा… क्या तुम ठीक हो? ये सब मेरी ही गलती है…”

एमिली की बदहवास, थकी-टूटी हालत देखते ही एलिसिया को वीरा की थोड़ी देर पहले कही बा...

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