अध्याय 40

आर्थर ठिठक गया—उसे साफ़ नहीं उम्मीद थी कि वह इतनी ज़िद्दी निकलेगी।

उसकी बातें जैसे-जैसे उसके भीतर उतरीं, उसकी आँखों में जमा हुआ तनाव एकदम गुस्से में फट पड़ा।

कल रात वह उसके साथ असाधारण तौर पर नरम रहा था, पूरी शाम धैर्य से उसकी देखभाल करता रहा। और अब सुबह-सुबह वह फिर उसी पर दबाव डाल रही थी—उठते ही ...

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