अध्याय 64

एमिली ऐसे बोलती रही जैसे उसने उसकी ठंडक नोटिस ही न की हो। आवाज़ में चिंता घोलकर वह कहती गई, “उसके साथ एक सज्जन थे, और दोनों काफ़ी पास खड़े थे… मुझे लगा उसने उसके बाल भी छुए? मैं काफ़ी दूर थी, ठीक से दिखा नहीं—हो सकता है मैं गलत समझ रही हूँ।”

वह रुकी, जैसे शब्द तौल रही हो। “शायद कुछ नहीं है, बस… उस ...

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