अध्याय 134

ग्रेस और लैला साथ बैठी बातें कर रही थीं कि लैला का फ़ोन भनभना उठा। उसने लोकल नंबर देखा और उसे अंदाज़ा हो गया कि ये नोआ ही होगा।

ग्रेस ने उसे कोहनी मारी। “चलो, उठा लो। कॉलेज से ही उसे तुम पर क्रश था। इतने साल बाद भी, उसके जज़्बात तो सच्चे ही होंगे।”

लैला ने लंबी साँस ली। “मैं सच में कुछ नया शुरू कर...

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