अध्याय 139

शुक्रवार पलक झपकते ही आ गया।

“लेला, तुम और मिस राइट निकल पड़ीं?”

“हाँ, बस पहुँच ही रहे हैं। नोआह, तुम वहाँ पहुँच गए?”

“हाँ, मैं प्रवेश द्वार पर तुम्हारा इंतज़ार कर रहा हूँ।”

“ठीक है, थोड़ी देर में मिलते हैं।”

“थोड़ी देर में मिलते हैं।”

बेटी ने उसे फोन रखते देखा और पूछ बैठी, “मुझे क्यों लग रहा...

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