अध्याय 147

सेथ ने हल्का-सा सिर हिलाया। उसकी नज़र आखिरकार लैला के कुछ फीके पड़े चेहरे पर ठहर गई। उसकी आँखें गहरी थीं—पढ़ी न जाने वाली।

वह आगे बढ़ा और बहुत नरमी से उसे अपनी बाँहों में खींच लिया। “चिंता मत करो। डॉक्टर ने नहीं कहा था कि अगर हम सावधानी रखें, तो सब ठीक रहेगा?”

लैला ने उसे दूर नहीं धकेला। उसके दिमा...

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