अध्याय 187

दराज़ ज़रा-सा खुला रह गया था, और अंदर दवा की एक शीशी रखी थी। लैला ने हाथ बढ़ाकर उसे निकाला और ध्यान से देखने लगी।

उसने शीशी पर लिखा नाम और इस्तेमाल पढ़ा—यह पेट की तकलीफ़ के इलाज की दवा थी।

बेट्टी को मीरा की बात याद आ गई। उसका पेट खराब हो रहा था? मगर क्या उसने दवा लेने से इनकार नहीं किया था?

उसने...

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